राम नवमी पर बार-बार पथराव कोई संयोग नहीं प्रयोग है, मुस्लिमों से नहीं देश को कट्टरवादी सोच से खतरा: गिरिराज सिंह
Ram Navami Communal Clash: रामनवमी के मौके पर देश के कई राज्यों में पथराव, आगजनी और हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं. दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया.

राम नवमी के मौके पर देश के कई राज्यों में पथराव, आगजनी और हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं. दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया. इन घटनाओं में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
इस बीच मध्य प्रदेश के खरगोन में हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, राम नवमी या किसी जुलूस पर बार-बार पत्थरबाजी की घटना कोई संयोग नहीं बल्कि प्रयोग है. उन्होंने कहा, मैं बार-बार कहता रहा हूं कि मुस्लिमों की बढ़ती आबादी देश के लिए खतरा नहीं है बल्कि कट्टरवादी सोच देश के लिए खतरा है.
Repeated incidents of stone-pelting on Ram Navami or any procession are not a coincidence, but an experiment. I say time&again that increasing population of Muslims is not a threat, but radical thinking is a threat to the country: Union Minister Giriraj Singh on Khargone incident pic.twitter.com/jFWOb3H0gu
— ANI (@ANI) April 12, 2022
रामनवमी के कार्यक्रमों के दौरान हुई हिंसा के कारण झारखंड के लोहरदगा और गुजरात के आणंद में एक-एक शख्स की मौत हो गई. वहीं मध्य प्रदेश के खरगौन में पथराव व आगजनी के बाद कर्फ्यू लगाना पड़ा और पुलिस ने वहां 80 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. विभिन्न राज्यों में अधिकारियों ने बताया कि हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में हैं और जबकि मध्य प्रदेश में प्रशासन ने खरगौन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव करने वाले उपद्रवियों के 'अवैध' ढांचों के खिलाफ एक ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया.
अधिकारियों ने बताया कि खरगौन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ चौधरी को हिंसा में गोली लगी और उनके अलावा 6 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 24 लोग घायल हो गए. रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव और कुछ घरों व वाहनों में आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
खरगौन प्रशासन ने रामनवमी के जुलूस पर पथराव करने के आरोपी लोगों के 'अवैध' रूप से बने कम से कम 50 ढांचों को सोमवार को गिराना शुरू कर दिया है. इंदौर के संभागायुक्त पवन शर्मा ने खरगोन में पत्रकारों से कहा, 'सरकार की दंगों के लिए कतई बर्दाश्त न करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति है. अब तक 84 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों के 50 अवैध निर्माणों की पहचान की गई है. इन अवैध निर्माणों को गिराना शुरू हो चुका है.; जिन अवैध ढांचों को तोड़ा जा रहा है उनमें मकान और दुकानें शामिल हैं.
गुजरात के खंभात में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा और पथराव में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इसी तरह की घटना के बाद साबरकांठा के हिम्मतनगर कस्बे में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है. रामनवमी के जुलूस के दौरान इसी तरह की पथराव की घटना मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा कस्बे में सामने आई, जिसमें एक थाना प्रभारी और पांच अन्य घायल हो गए. अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया.
मध्य प्रदेश में खरगौन के जिलाधिकारी अनुग्रह पी के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार रविवार शाम की घटना के बाद से पूरे खरगौन शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. रविवार को जब रामनवमी का जुलूस खरगोन में तालाब चौक इलाके से शुरू हुआ तो जुलूस पर पथराव किया गया. पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
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